डी.ए.वी. स्कूल के दर्जा घटाने पर एनटीपीसी का विरोध - तीन दिन से क्रमिक अनशन पर बैठे कोलडैम विस्थापित

डी.ए.वी. स्कूल के दर्जा घटाने पर एनटीपीसी विरोध 

तीन दिन से क्रमिक अनशन पर बैठे कोलडैम विस्थापित  

अनशन समाप्त करने की एटीपीसी कोलडैम ने की पहल

अनुभागीय अधिकारी ने अनशनरत ग्रामिणों से मांग विचार करने का समय 


नेक्स्ट न्यूज हिमाचल 

सुंदरनगर, 10 मार्च (अंसारी) 


कोलडैम विस्थापित डी.ए.वी. स्कूल के दर्जा घटाने पर अनदेखी के आरोप एनटीपीसी कोलडैम प्रबंधन के खिलाफ तीन दिन से क्रमिक अनशन पर बैठै है। विस्थापित लोग जमथल डीएवी स्कूल का दर्जा बढ़ाने और स्कूल में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मांग कर रहे है।


विस्थापितों की मांग है कि एनटीपीसी कोलडैम प्रबंधन सुविधाएं प्रदान करने की बजाय छीन रहे है। जिसके चलते वीरवार को अनशन पर समाप्त करने के लिए बिलासपुर अनुभागीय अधिकारी सुभाष गौतम की अध्यक्षता में एनटीपीसी कोलडैम प्रबंधन और जमथल में अनशन कर रहे प्रतिनिधियों के बीच बैठक आयोजित की गई। अनशन पर बैठे कोलडैम विस्थापित लोगों के प्रतिनिधित्व कसोल गांव वासी बीडीसी हरनोडा अशोक कुमार और जमथल निवासी मदन और पवन चौधरी ने किया। अशोक कुमार ने जमथल स्थित डी.ए.वी. स्कूल को अपग्रेड करने की मांग दौहराई है। सुभाष गौतम, अनुभागीय अधिकारी ने अनशनरत ग्रामिणों के प्रतिनिधियों से अनुरोध किया कि इस विषय पर विचार करने के लिए समय दिया जाए और अनशन धरना को समाप्त किया जाए। 



वहीं एनटीपीसी प्रबंधन की ओर से एनटीपीसी के नैगम सामाजिक दायित्व नीति के तहत ग्रामवासियों के सामुदायिक विकास एवं शिक्षा जरूरतों को पूरा करने के प्रयत्न की बात की है और अनशन पर बैठे प्रतिनिधियों से सहयोग व अनशन समाप्त करने की अपील की और सुविधाओं को लेकर सुझाव मांगे है। प्रबंधन ने सपष्ट किया कि वर्तमान में जमथल में स्थित डीएवी स्कूल प्राथमिक स्तर अर्थात कक्षा 5 तक ही अनुमोदित है और 2008 से चल रही यह स्कूल अभी तक वित्तीय रुप से आत्मनिर्भर नहीं हो सकी है।   

उधर, दूसरी ओर कोलडैम विस्थापितों के प्रतिनिधि एंव सदस्य हीरापाल सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि कोलडैम बनने के बाद एनटीपीसी ने विस्थापितों के साथ किए वायदे पूरे करने से मूकर गए है। उन्होंने आरोप लगाया कि जमथल स्थित डी.ए.वी. स्कूल को अपग्रेड कर जमा दो करने की मांग की है। उन्होंने एनटीपीसी प्रबंधन पर आरोप लगाया कि काम पूरा होने कंपनी के अधिकारियों के बच्चे पढऩे तक स्कूल में सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान की गई है। अब जब कंपनी अधिकारियों के बच्चों को स्कूल की जरूरत नहीं रही तो स्कूल का दजा घटा दिया और स्थानीय विस्थापितों के बच्चों की सुविधाएं छीन ली, और स्कूल का दर्जा जमा दो कक्षा तक करने का आया तो कंपनी वादे मुकर गई है।  

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