राष्ट्रपति से किसानों ने की मांग, हिमाचल में बाढ़ को घोषित करे राष्ट्रीय आपदा

बलह के किसानों ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
विकास के नाम पर बड़ी कंपनियों ने किया अधिक नुकसान

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हिमाचल किसान सभा बल्ह  और अन्य संगठनों ने मिलकर भारी बाढ़ के प्रकोप को लेकर प्रधान, प्रेम चौधरी की अध्यक्षता में राष्ट्रीपति द्रौपदी मुर्मू को स्थानीय उपमंडल अधिकारी (नागरिक) स्मृति नेगी के माध्यम से एक मांग पत्र सौंपा कर हिमाचल में बाढ़ से हुई क्षति पर राष्ट्रीय प्राकृतिक आपदा घोषित की जाए। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल में प्रेम चौधरी, गुलाम रसूल , हेमराज , रामजी दास, परस राम और जोगिंदर वालिया शामिल रहे।उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में एवं मुख्यत बल्ह क्षेत्र में 10-13 अगस्त, 2023 के दौरान भारी बारिश और बादल फटने से तबाही हुई है। 
बल्ह में 1962 के बाद इतने बड़े स्तर पर इस बार भारी बारिश के कारण आम लोगों का जन-जीवन, उपजाऊ जमीन, नकदी फसले, घरों, गोंशाला, व्यापारिक संपत्तियों और बुनियादी ढांचे जिसमे बिजली , पानी, दूरसंचार, शमशान-घाट को अभूतपूर्व क्षति ने लोगों के जीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया और भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है , जिसकी भरपाई अति शीघ्र की जाये।

बड़ी कंपनियों को लाभ पहुंचाने के चक्कर में हुआ अधिक नुकसान
              भूमिअधिग्रहण प्रभावित मंच के सयोंजक जोगिन्दर वालिया ने विशेष रूप से बड़ी कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए अपनाए गए विकास पर गंभीर सवाल उठाए हैं, जिसमें सभी पर्यावरणीय मानदंडों को ताक पर रख दिया गया है, सड़क के लिए पहाड़ो को सीधा काटा गया और भूमि कटाव हुआ जिसके परिणामस्वरूप उसका मलबा नदियों, सड़क के किनारे और पहाड़ियों में फेंक दिया गया है और निकासी के लिए पुलिया एवं ड्रेनेज को बर्बाद कर दिया गया। पानी की निकासी नहीं हो पाई  सड़को में पानी-पानी हो गया। 
इस प्रकार बार-बार होने वाली आपदाओं के लिए जिम्मेदार कंपनियों को जवाबदेह बनाया जाना चाहिए और उनके खिलाफ क़ानूनी कार्यबाही की जानी चाहिए। किसान सभा के सचिव रामजी दास ने केंद्र सरकार से मांग की है कि पर्याप्त वित्तीय पैकेज प्रदान किया जाना चाहिए। फसलों को भारी नुकसान के अलावा , किसान अपनी फसल और सब्जियाँ उपज भी नहीं ले पा रहे हैं और सरकार से मांग की जाती है की भारी बाढ़ के प्रकोप को देखते हुए प्रस्तावित  बल्ह एअरपोर्ट को दूसरी जगह बनाया जाये। 
किसान सभा के जिला उपाध्यक्ष परस राम ने कहा की बाढ़ के कारण हुए भारी नुकसान की पूर्ति के लिए वित्तीय पैकेज के साथ राष्ट्रीय आपदा घोषित न करने की असंवेदनशीलता के लिए भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की किसान सभा कड़ी निंदा करती है। अत: केंद्र की सरकार बाढ़ के प्रकोप को राष्ट्रीय आपदा घोषित करे। भारी बारिश के कारण आम लोगों की पीड़ा और भारी कठिनाइयों को किसान सभा गहराई से साझा करती और इस दुःख की घड़ी में उनके साथ खड़ी है।
....अंसारी की रिपोर्ट। 

About Himachaltoday.in -by Ansari.

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