ग्रामीण क्षेत्रों में MNREGA में नहीं मिल रहा काम और सरकार ने Budget में की बड़ी कटौती

ग्रामीण क्षेत्रों में MNREGA में नहीं मिल रहा काम और सरकार ने Budget में की बड़ी कटौती 

दावा : आपदा ग्रस्त जिंदगियों का संबल बनी मनरेगा : मनरेगा में कराया जा रहा अधिकतर पुनर्निर्माण-पुनरुत्थान कार्य 

           Next 2news Himachal 

 सुंदरनगर।

ग्रामीण क्षेत्रों में MNREGA में नहीं मिल रहा काम और सरकार ने Budget में की बड़ी कटौती। सुंदरनगर क्षेत्र की दर्जनों पंचायत में मनरेगा के तहत लोगों को काम नहीं मिल रहा है। भारी-बड़ी से आई आपदा के कारण लोगों के मकान और खेतों के भारी नुकसान के साथ कारोबारी नुकसान भी हुआ है जिससे लोगों के आर्थिक की टूट कर आप गई है दर्जनों पंचायत में मनरेगा का कार्य भी लोगों को नहीं मिल रहा है। यही हाल नगर परिषद का भी है। जबकि आपदा को देखते हुए सरकार ने पंचायती राज विभाग को कड़े निर्देश जारी किए। अखिल भारतीय महिला विकास समिति की जिला उपाध्यक्ष हरदीप कौर ने कहा कि मनरेगा का कार्य नही मिलने से लोगो मे भारी रोष व्याप्त है। सरकार ने Budget में बड़ी कटौती की  है । जबकि दावा किया जा रहा है कि मंडी जिला में आपदा की मार से पस्त जिंदगी को पटरी पर लाने में मनरेगा योजना बड़ा संबल बनी है।

 जिलाधीश अरिंदम चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देशानुरूप मंडी जिले में मनरेगा कार्यों को अतिरिक्त गति दी गई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देशों के अनुरूप जिले में आपदा प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में पुनर्निर्माण-पुनरुत्थान कार्यों को अधिकतर मनरेगा में कराया जा है। सीएम का इस पर विशेष जोर है कि पंचायतों-गांवों में अधिक से अधिक पुनरुद्धार कार्य मनरेगा में किए जाएं, जिससे बड़े पैमाने पर लोग लाभान्वित हों। उन्हें आर्थिक संबल मिले।


 दावा : आपदा ग्रस्त जिंदगियों का संबल बनी मनरेगा


जिला में चल रहे हैं 25,756 कार्य
जिले में वर्तमान में 25 हजार 756 कार्य चल रहे हैं। इस वित्त वर्ष में अब तक मनरेगा कार्यों में 110 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं। आगे और परियोजनाओं को भी जरूरत के अनुसार अनुमति दी जा रही है। सीएम के मनरेगा दिहाड़ी बढ़ाने के निर्णय और इसे 224 से 240 रुपये करने से गांव-गरीब को बड़ा लाभ हुआ है। वहीं, जनजातीय क्षेत्रों में मनरेगा दिहाड़ी 280 रुपये से बढाकर 294 रुपये की गई है।  

डीआरडीए के परियोजना अधिकारी सोनू गोयल ने बताया कि जिले में मनरेगा में काम को लेकर विस्तृत योजना बनाई गई है। मनरेगा में पुनरुद्धार कार्यों को लेकर नियमित अंतराल पर समीक्षा के साथ साथ मनरेगा मस्टरोल व सामान खरीद जैसी व्यावहारिक समस्याओं के समाधान की व्यवस्था बनाई गई है। उन्होंने बताया कि आपदा से जुड़े मनरेगा कार्यों के लिए ग्राम सभा के प्रस्ताव की आवश्यकता नहीं है। इसके लिए खंड विकास अधिकारी कार्यालय में सीधे आवेदन किया जा सकता है।

लोगों ने जताया सीएम का आभार
मंडी जिलावासियों ने इस संकट की घड़ी में उनकी चिंता करने और उनकी समस्या दूर करने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का एकस्वर में आभार जताया है। 
मंडी सदर विकास खण्ड के गांव जनेड़  की स्नेह लता पत्नी कृष्ण कुमार ने बताया कि भारी बरसात से उनकी गऊशाला ढह गई थी। प्रदेश सरकार ने मनरेगा में इसके पुनर्निर्माण की व्यवस्था कर दी, इसके लिए वे मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के आभारी हैं। वहीं ग्राम पंचायत जनेड़ की प्रधान भावना देवी कहती हैं कि आपदा में पुनर्निर्माण के काम, गांव की सड़क, घर के डंगे इत्यादि मनरेगा में कराने के सरकार के फैसले से प्रभावित परिवारों को बड़ी राहत मिली है। इससे लोगोें को घर-द्वार पर रोजगार भी मिल रहा है।

....Ansari

About Himachaltoday.in -by Ansari.

0 Comments:

एक टिप्पणी भेजें

If you have any Quary than