मूल मांहूनाग जी बखारी कोठी करसोग करेंगे देवता मेले का आगाज
देव मूल मांहूनाग बखारी कोठी के सम्मान में लगता है सुकेत देवता मेला
मूल मांहूनाग जी बखारी की कृपा से हुई थी राजन को पुत्र रत्न प्राप्ति
नेक्स्ट न्यूज हिमाचल
सुंदरनगर, 15 मार्च (अंसारी)
मूल मांहूनाग जी बखारी कोठी करसोग सुकेत के प्राचीन देवता मेले का आगाज करेंगे। देव मूल मांहूनाग बखारी कोठी के सम्मान में सुकेत देवता मेला लगता है। राज्य स्तरीय सुकेत देवता मेला 2022 के लिए मूल मांहूनाग जी बखारी कोठी करसोग को आमंत्रित किया है। सुकेत देवता मेले के लिए 27 मार्च को अपनी बखारी कोठी से हार प्रजा के साथ रवाना होगे। राज्य स्तरीय सुकेत देवता मेला 2022 का आयोजन 6 अप्रैल से 10 अप्रैल तक आयोजित किया जा रहा है। देवता 6 मार्च को सुकदेव वाटिका मे पहुंच कर मेला शोभायात्रा मे भाग लेकर मेला का आगाज करेगें।
मूल मांहूनाग जी बखारी की कृपा से हुई थी राजन को पुत्र रत्न प्राप्ति
मूल मांहूनाग जी बखारी के गुर काहन चंद ने बताया कि सुकेत देवता मेला का आयोजन सुकेत के राजाओं द्वारा देव मूल मांहूनाग जी बखारी कोठी के सम्मान में लगाया गया है। सुकेत के राजा को मूल मांहूनाग जी की कृपा से पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई थी। रियासत कालीन दौर से ही पुत्र रत्न की प्राप्ति होने पर सुकेत के राज महल में देवता को बुलाकर जातर देते थे। सुकेत के राजा और मूल मांहूनाग जी का आपस मे गहरा नाता है तथा देवता ने अनेकों समय राजा की सहायता की तथा अंग्रेजों की कैद से छुड़वाया था। जिसके चलते सुकेत के राजा ने देवता को अपना आधा शासन भेंट किया था। राजाओं की परम्परा को सुंदरनगर प्रशासन तथा सुकेत सर्व देवता कमेटी ने उसी परम्परा का निर्वहन करते आ रहे है।
मूल मांहूनाग जी बखारी कोठी करसोग में संत राम प्रधान ने बताया कि देवता जी इस बार दो वर्षों के बाद सुंदरनगर सुकेत देवता मेला के लिए शामिल होंगे। इसके लिए देव 27 मार्च को अपनी बखारी कोठी से राज्य स्तरीय सुकेत देवता मेला सुंदरनगर के लिए अपनी हार प्रजा के साथ रवाना होगें। देवता जी इस बार चुराग, पांगणा, निहरी होते हुए 4 मार्च को चांबी पहुंचेगे जहां परम्परा अनुसार सुंदरनगर प्रशासन उपमंडल अधिकारी, तहसीलदार तथा सुकेत सर्व देवता कमेटी के अध्यक्ष देवता का स्वागत करेगें।
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