राज्य स्तरीय सुकेत देवता मेला में आठ दशक के बाद शिरकत करेंगे मांहूनाग शडोटी
मूल मांहूनाग जी बखारी कोठी करसोग के भाई माने जाते देवता
निसंतान दंपती को संतान देते है मांहूनाग शडोटी
नियमों का सख्ती से करना पड़तो है पालन
नेक्स्ट न्यूज हिमाचल
सुंदरनगर, 12 मार्च (अंसारी)
राज्य स्तरीय सुकेत देवता मेला में देव माहूंनाग जी शडोटी करसोग 80 वर्षों बाद शिरकत करेंगे। सुकेत देवता मेला राजाओं के समय से आयोजित किया जा रहा है। मेले के दौरान सुकेत रियायत के सभी देवी देवताओं को मेला में शिरकत करने के लिए आमंत्रित किया जाता है। जिसमें से अधिकांश देवी देवता मेला में शिरकत करते हैं परन्तु 25 देवी मेला में शामिल नहीं होते हैं। इन सभी देवी देवताओं को पुन: मेला में शामिल करने के लिए सुकेत सर्व देवता कमेटी, प्रशासन तथा जनता के सहयोग से प्रयास किए जा रहे है। जिसके चलते इस वर्ष से देव माहूंनाग जी शडोटी करसोग 80 वर्षों बाद लगभग 150 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर मेला में शिरकत करेंगे। देवता के सुन्दरनगर आगमन पर निसंतान दंपती को संतान देते है करसोग के मांहूनाग शडोटी साथ सुंदरनगर की लोगों में खुशी की लहर है।
निसंतान दंपती को संतान देते है मांहूनाग शडोटी
देवता की कोठी मंडी जिला के तहसील करसोग शडोट, गांव व डाकघर धरमौंड खील में स्थित है। देवता मूल मांहूनाग जी बखारी कोठी करसोग के भाई माने जाते हैं, तथा देवता के मुख्य गण में धुनिया महाराज, रकक्षेठा महाराज, जोगणु तथा जुडंला महाराज हैं। धुनिया महाराज को देवी महामाया जी ने देवता को दिया है। देवता के यह गण भोजन के रूप में आग का भोजन ग्रहण करते हैं तथा जलती ज्वाला, दहकती आग, पर आसन लगाते है। वहीं देवता के रकक्षेठा महाराज पत्थर तथा गैमुत्र का भोजन ग्रहण करते हैं। देवता के पास कोर्ट कचहरी के मामले, लोगों के दुखों, निसंतान दंपती को संतान सुख प्रदान करते हैं।
मेला में आने के लिए हामी भर दी है।
देवता की हार प्रजा जनता देवलुओ से सुकेत सर्व देवता कमेटी ने प्रधान डॉ अभिषेक सोनी की अध्यक्षता में बैठक हुई। जिसमें देवता के हार क्षेत्र के लगभग 400 लोग शामिल हुए। सुकेत सर्व देवता कमेटी ने देवता को विधिवत निमंत्रण दिया। देवता की कारदार कमेटी ने निमंत्रण को स्वीकार किया है तथा मेला में आने के लिए हामी भर दी है।
इस अवसर पर माहूंनाग जी शडोटी जेठा मेहता मानदास, हिरा सिंह, पवन, घनश्याम, गिरजानन्द, भोला दत्त, पुजारी पूर्ण चन्द शर्मा और पदम देव, कठेला काहन चन्द शर्मा, जोगणु के गुर हरी चंद, देव जुंडले के गुर लीला धर, धुने अग्नी भस्म पोको के नरसिंह दास, देव रक्सेटा के युवराज, हीरा महते के गुर इंद्र सिंह, मंदिर कमेटी के प्रधान कृष्ण दत्त, उप प्रधान खेमराज, सचिव हेमकुंद, बीरी सिंह भोजराज, विनोद कुमार, कटवाल बालक राम, चूड़ामणि, बजंत्री नेत्र सिंह, सिधु राम, हन्नी सिंह तथा सुकेत सर्व देवता कमेटी के सभी सदस्य मौजूद रहे। देवता जी के विशेष नियम है उनका हम सभी मिलकर पालन करेगें तथा सभी इंतजाम प्रशासन एवं सुंदरनगर की जनता के साथ मिलकर हो रहे है। देवता जी के लिए मेला ग्राउंड तथा रात्रि ठहराव में भी धुने का इंतजाम किया जाएगा।
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