क्या सरदार पटेल यूनिवर्सिटी को बंद करना चाह रही सुक्खू सरकार

क्या सरदार पटेल यूनिवर्सिटी को बंद करना चाह रही सुक्खू सरकार

प्रदेश के छात्रों के साथ नहीं सहा जायेगा सौतेला व्यवहार


एबीवीपी सुंदरनगर ने हिमाचल सरकार पर जडे आरोप

एबीवीपी ने सरदार पटेल विश्वविद्यालय का दायरा घटाने के विरोध में धरना प्रदर्शन

------------------------------------------------------------------------------------------------

Next 2news Himachal

सुंदरनगर। 

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जिला सुंदरनगर के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश की वर्तमान सरकार द्वारा सरदार पटेल विश्वविद्यालय का दायरा  घटाने के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। एबीवीपी का इतिहास रहा है की वह हमेशा से ही छात्र हितों की आवाज़ को उठाती आई है।   


क्या सरदार पटेल यूनिवर्सिटी को बंद करना चाह रही सुक्खू सरकार-

एसपीयू का दायरा घटाना शिक्षा के प्रति वर्तमान सरकार की नकारात्मक सोच को दर्शाता है और विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले पांच जिलों के छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। 

 इस दौरान जिला संयोजिका साक्षी ने कहा कि क्या सरदार पटेल यूनिवर्सिटी को बंद करना चाह रही सुक्खू सरकार ?-साक्षी ने कहा कि प्रदेश सरकार राजनीतिक बदले की भावना से एसपीयू को बंद करने का षड्यंत्र रच रही है और छात्रों के भविष्य से खिलवाड कर रही है। 


इकाई उपाध्यक्षा इशिता ने कहा की हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय पहले से ही अपने प्रवेश, परीक्षा और परिणाम को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहा है, वह इस समय जहा प्रदेश में दूसरे विश्वविद्यालय के कारण कार्य विभाजन  से इन चीजों में तेजी लाई जा रही है वही प्रदेश की सरकार अपने बदले की राजनीति करने से पीछे नहीं हट रही और छात्रहितों को अनदेखा करना सरकार का काम बन गया । 


प्रदेश के छात्रों के साथ नहीं सहा जायेगा सौतेला व्यवहार-

सर्वज्ञ गौतम ने प्रदर्शन के दौरान कहा की विद्यार्थी परिषद ने प्रदेश में दूसरा विश्वविद्यालय खोलने के लिए लंबा आंदोलन  किया ताकि विद्यार्थियों को अपना काम करवाने के लिए शिमला न जाने पड़े  और उनके  परीक्षा परिणाम  समय पर घोषित हों सके। एबीवीपी ने कहा की प्रदेश के छात्रों के साथ ऐसा सौतेला व्यवहार नहीं सहा जायेगा और इसका खामियाजा हिमाचल प्रदेश की सरकार को झेलना पड़ेगा ।

...अंसारी




About Himachaltoday.in -by Ansari.

0 Comments:

एक टिप्पणी भेजें

If you have any Quary than