क्या हिमाचल में मीट खाने से आई है आपदा
आई आई टी मंडी निदेशक ने मीट खाने से बताई हिमाचल की आपदा
हिमाचल की आपदा पर दिया निदेशन का व्यान शर्मसार करने वाला
जन मानस के जख्मो पर नमक छिड़कने वाला निदेशक का बयान
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Next 2news Himachalमंडी।
हिमाचल के मंडी स्थित आईआईटी मंडी में रैगिंग का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था। कि संस्थान के निदेशक ने देवभूमि हिमाचल में आई आपदा को मीट खाने का कारण बता कर विवाद खडा कर दिया है। इनके इस बयान पर जिले में तेज प्रतिक्रिया सामने आ रही है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के निदेशक प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा का यह बयान की हिमाचल के लोग मीट खाते है, इसलिए आई है आपदा, उनका यह बयान हिमाचल के जन मानस के जख्मो पर नमक छिड़कने जैसा है। जिसकी कड़े शब्दो मे निन्दा की जा रही है।
राजीव गांधी पंचायती राज ने कहा घटिया हरकत पर उतर आया केंद्र
हिमाचल राजीव गांधी पंचायती राज के प्रदेश सह संयोजक हिरापाल ठाकुर ने कहा कि केंद्र के इसारे पर आईआईटी के निदेशक इस हरकत पर उतर आए है। केंद्र ने हिमाचल की आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की प्रदेश सरकार द्वारा मांग की गई है और प्रदेश के पीडित परिवारों के पुर्नवास को लेकर वित सहायता प्रदान करने का आग्रह किया है। लेकिन केंद्र सरकार इस घटिया हरकत पर उतर आया है। ऐसे सनकी से निदेशक पद छीन कर उसको घर भेंजा जाए।
_समिति ने आईआईटी निदेशक के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने और उन्हें तुरन्त पद से हटाने की मांग की है। समिति ने कहा कि एक तरफ तो सरकार की ओर से आईआईटी और अन्य संस्थानों को प्रदेश में आई आपदा पर वैज्ञानिक अध्ययन करने का आग्रह किया जा रहा है, तो दूसरी ओर संस्थान के निदेशक का यह बयान अवैज्ञानिक और गुमराह करने वाला है।
_बता दे कि सरकार ने हिमाचल में आई आपदा पर वैज्ञानिक अध्ययन करने का आईआईटी सहितम विभिन्न संस्थानों से रिपोर्ट मांगी है। संस्थानों का अध्ययन दरकिनार कर निदेशक ने विवादित बयान दिया है। जिसमें उन्होंने आई आपदा का कारण हिमाचल के लोगों द्वारा मांस खाने से बता दिया है।
_हैरानी है कि निदेशक ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण को छोड आपदा को मीट खाने के प्रकोप से जोड दिया है। जिससे हिमाचल वासियों की भावना भी आहत हुई है।
_हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति के जिला अध्यक्ष ललित शर्मा ने कहा कि निदेशक का उपरोक्त बयान बेतुका और संस्थान की गरिमा को धूमिल करने वाला है। उन्होंने हैरानी जताई है कि ऐसे महत्वपूर्ण संस्थान के प्रमुख पद पर सनकी नियुक्त किए गए है। हिमाचल पहाडी राज्य है और यहा बारिश के कारण आई आपदा पर इस तरह के बयान समाज में अंधविश्वास और भ्रांतियां पैदा करते हैं। शर्मा ने कहा कि आईआईटी निदेशक को कम से कम अपने पद और संस्थान की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए।
हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति का मानना है कि आईआईटी मण्डी के छात्र बहुत नवाचारी और उम्दा काम कर रहे हैं। लेकिन निदेशक बेहरा जैसे लोग संस्थान गरिमा को धूमिल करने का काम कर रहे हैं।
_समिति के जोगिंदर वालिया ने कहा कि आईआईटी मण्डी के निदेशक का यह बयान की हिमाचल के लोग मीट खाते है। इसलिए आई है आपदा, उनका यह बयान हिमाचल के जन मानस के जख्मो पर नमक छिड़कने जैसा है। जिसकी कड़े शब्दो मे निन्दा करते है। निदेशक का उपरोक्त बयान बेतुका और संस्थान की गरिमा को धूमिल करने वाला है। निदेशक के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाए और उन्हें तुरन्त पद से हटाया जाए।
..अंसारी

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