सुंदरनगर के महादेव में मनाई जा रही रामलीला
शिव आर्ट राम लीला कमेटी ने मनाया दशहरा
अपने किरदार निभाने को कलाकारों में उत्साहसुंदरनगर।
महादेव में श्री राम लीला का मंचन की परंपरा को स्थानीय लोगों ने जारी रखा है। मंगलवार को दशहरा धूमधाम से मनाया गया। शिव आर्ट राम लीला कमेटी के प्रधान भूप सिंह ने कहा कि श्री राम लीला के कलाकारों में उप प्रधान कश्मीर सिंह, महासचिव हरीश ठाकुर, सदस्य भानु प्रताप, हिमांशु शर्मा, चंदन राणा, महेंद्र कुमार, वैभव ठाकुर, तनिष, अनिल कुमार, चंद्र राणा, यशू, भोलू, गुन्नू, ध्रुव, अंशु और दलीप में अपने अपने रोल के प्रति उत्साह है। और एक माह पूर्व से सभी अपने किरदार की बेहतर निर्वहन के लिए रिहर्सल की है तथा सभी ने विधिवत अपने रोल को निभाया है। राम के वनवास से लौटने का जश्न मनाते हुए दशहरे के पर्व के समय सैकड़ों बस्तियों, कस्बों और गाँवों में त्योहारों का आयोजन किया जाता है। रामलीला राम और रावण के बीच युद्ध का स्मरण करती है और इसमें देवताओं, ऋषियों और विश्वासियों के बीच संवादों की एक श्रृंखला सम्मिलित है। रामलीला, शाब्दिक रूप से ष्राम का नाटकष्, रामायण महाकाव्य का एक प्रदर्शन है जिसमें दृश्यों की एक श्रृंखला है, जिसमें गीत, कथन, गायन और संवाद शामिल हैं। यह पूरे उत्तर भारत में दशहरे के त्योहार के दौरान किया जाता है, प्रत्येक वर्ष शरद ऋतु में अनुष्ठान कैलेंडर के अनुसार आयोजित किया जाता है।यहां परंपरा के अनुसार दूर दूर के गांवों से आज भी महिला पुरुष और बच्चे उत्साह पूर्वक राम लीला नाटक देखने आते है।
महादेव में रामलीला नाटक की झांकी का दृश्य
रामलीला में मर्यादा पुरुषोत्तम राम के जीवन की प्रमुख घटनाओं को दर्शाया जाता है। इसमें कई कलाकार रामजन्म से लेकर रावण-वध और भरत-मिलाप जैसी घटनाओं का मंचन करते हैं। दशमी के दिन रावण-वध होता है और रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतले जलाए जाते हैं।
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