विभाग और प्रशासन कारवाई में जुटा
नेक्स्ट न्यूज मंडी पधर,
27 अगस्त, किरण
आठ दिन से बंद राष्ट्रीय उच्च मार्ग मंडी पठानकोट शनिवार को भी बहाल नहीं हो पाया। दलदली मिट्टी होने के कारण एनएचएआई को दोबारा कलवर्ट में पाइपें डालनी पड़ रही हैं। हालांकि जोगिंदर नगर की ओर से आधा मार्ग बनकर तैयार हो गया है। लेकिन उससे आगे वाली खाई में ज्यादा पानी होने की वजह से मिट्टी दलदली बन गई है।
विभाग द्वारा जहां बड़ी पाइपें डालकर पानी की निकासी कर रही है, वहीं पुरानी पाइपों को भी क्रेन के माध्यम से निकाला जा रहा है।
हालांकि एनएचएआई शनिवार देर सांय तक छोटी गाड़ियों की आवाजाही को बहाल करने की कोशिश में था। लेकिन दलदली मिट्टी होने के कारण रिस्क नहीं ले पा रहा है। क्योंकि पिछले दो दिनों से एनएचएआई पहले वाले स्थान से लागभग 20 फ़ीट नीचे से ट्रैक बनाकर मार्ग को वैकल्पिक तौर पर बहाल करने की कोशिश में लगा है।
बता दे कि आई आई टी मंडी के शोध कर्ता भी इस समस्या का हल निकालने में अपनी सिपारिशे दे चुके है।
लेकिन इस पर भी समय रहते कारवाई अमल में नहीं लाई गई है। अब रुके हुए पानी से बनी झील को तोड़कर जो निकासी पानी की गई है उससे मिट्टी दलदली हो गई है। जिस कारण पधर की तरफ से जो ट्रैक बनाया गया है। वह मशीनों के चलने से अभी धंस रहा है। जिस कारण भारी वाहनों के फंसने के रिस्क बना हुआ है। इसलिए एनएचएआई रविवार सांय तक मार्ग बहाली के लिए प्रयासरत है।
गौर हो कि सड़क बंद होने के कारण स्थानीय लोगों को भारी दिक्कत हो रही है। लोग पैदल ही आवाजाही के लिए मजबूर है। बंद के कारण पैदल और किसी की मदद तथा किराए का वाहन से गंतव्य तक जाना पड़ रहा है। मैगल, टाण्डु, दरंग, कुन्नू ,नारला, पधर, गवाली में गिरा मलबा अभी तक नहीं उठाया गया है। जोगिंदर नगर से मंडी तक सप्ताह बीत जाने के बाद भी एनएचएआई हाइवे पर पड़े मलबे को नहीं उठा पाने में नाकाम रहने पर लोगो में भारी रोष है।
क्या कहती है एनएचएआई
एनएचएआई के इंजीनियर साहिल जोशी ने कहा कि सड़क को बहाल करने के हर संभव प्रयास किए जा रहे है। मौसम साफ रहा तो रविवार सांय तक कोटरोपी को छोटे वाहनों के लिए बहाल कर दिया जाएगा। वहीं कोटरोपी से मैगल तक भी हाइवे को दो तीन दिनों में मलबा हटा दिया जाएगा।
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