लावण्या की आत्महत्या मामले को लेकर एवीबीपी कार्यकर्ताओं ने किया विरोध
लावण्या की आत्महत्या मामले को लेकर एवीबीपी कार्यकर्ताओं ने किया विरोध
अभाविप ने की लावण्य आत्महत्या मामले में न्याय की माग
राष्ट्रीय महामंत्री सुश्री निधि त्रिपाठी सहित अन्य 33 कार्यकर्ताओं को करे रिहा
सुंदरनगर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने की मांग
नेक्स्ट न्यूज हिमाचल सुंदरनगर 17 फरवरी (अंसारी)
सुंदरनगर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने कहा कि जब तक लावण्या को न्याय नहीं मिलेगा तब तक विद्यार्थी परिषद का आंदोलन जारी रहेगा। सुंदरनगर इकाई के जिला संयोजिका अर्चना कुमारी ने प्रेस वार्ता में कहा कि ए.वी.बी.पी. झूठी धाराएं लगाकर अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री सुश्री निधि त्रिपाठी सहित अन्य 33 कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग विद्यार्थी परिषद करती है। उन्होंने कहा कि 9 जनवरी को तंजावुर जिले के सेकर्ड हार्ट गल्र्स हायर सेकेंडरी स्कूल में की छात्रा लावण्या ने स्कूल प्रशासन द्वारा धर्मांतरण के दबाव में कीटनाशक का सेवन कर आत्महत्या की कोशिश की और दूसरे दिन उसकी मृत्यु हो जाती है। इस के निमित्त जब 14 फरवरी को ए.वी.बी.पी. के कार्यकर्ता मामले के निमित्त राष्ट्रीय महामंत्री सुश्री निधि त्रिपाठी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरना प्रदर्शन कर रहे थे, तो सरकार ने बर्बरता पूर्वक कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज कर गिरफ्तार किया। जिसका अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विरोध करती है। झूठे आरोपों की सच्चाई प्रदर्शन के वीडियो में सामने है। उन्होंने कहा कार्यकर्ताओं ने किसी भी सरकारी अधिकारी को कोई हानि नहीं पहुंचाई और न किसी भी अधिकारी को खरोच तक आई है। उन्होंने कहा कि सरकार लावण्या के अंतिम ब्यान के बाबजूद भी कोई कार्यवाही नही कर रही है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से ईसाई मिशनरियों के समर्थन में स्टालिन सरकार खड़ी है यह उनके छदम धर्मनिरपेक्षता को दर्शाता है।
तमिलनाडु की स्टालिन सरकार जिस तरीके से लावण्या की आत्महत्या मामले में मद्रास उच्च न्यायालय के निर्णय को सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष चुनौती देते है, तथा उसे घर के अंतर कलह बताया है। डी.एम.के. ने यह हिंदू धर्म को कोसना और ईसाई मिशनरी को संरक्षण देने का काम किया है।
स्टालिन सरकार की धर्मनिरपेक्षता का सच इस केस में गिरफ्तार हुई वार्डन की जमानत के बाद तमिलनाडु सरकार के विधायक द्वारा उसका स्वागत करने से सामने आया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद तमिलनाडु सरकार के इस कार्य के खिलाफ पूरे देश में आंदोलन करेगी।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद मांग करती है की इस पूरे मामले में संलिप्त सभी दोषियों के ऊपर कड़ी से कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाए तथा लावण्या के न्याय की मांग कर रहे सभी कार्यकर्ताओं को रिहा किया जाए।
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