शिक्षकों की मेहनत और जन भागीदारी रंग लाई
आदर्श बन कर उभरा छातर का सरकारी स्कूल
Next2news Himachal
सुंदरनगर खंड की छातर पंचायत में राजकीय मिडिल स्कूल के शिक्षकों की मेहनत और जन भागीदारी रंग लाई है।
शिक्षको को मेहनत से यहां शिक्षा के स्तर को देख निजी स्कूलों से बच्चे ला कर यहां पढ़ाए जा रहें है, और मिडिल स्कूल में बच्चो की संख्या 9 से 61 हुई है जो जिला में चर्चा का विषय बनी है।
इस कार्य को स्कूल में काम कर रहे शिक्षक, स्कूल प्रबंधन समिति व आम जनता बधाई की पात्र है।
यह उपलब्धि टीजीटी आर्ट्स रमेश कुमार के नेतृत्व में स्कूल के शिक्षकों और आम जनता के सहयोग से हो पाई है।
हर क्षेत्र में अच्छा करने की संभावनाएं रहती है। इसका जीवंत उदाहरण मिडिल स्कूल छातर है। जहां 2 साल पहले स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या 9 थी। लेकिन रमेश कुमार जी की पाठशाला के लिए नया करने की लगन और शिक्षकों की मेहनत से यह संख्या 62 पहुंच गई है। जबकि निजी स्कूलों से घीरे छातर जैसे घने इलाके में स्थित राजकीय मिडिल स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या 9 से 62 होना आश्चर्य की बात है।
यह कार्य सेशन के दौरान पाठशाला में प्रवेश के लिए बच्चों के माता-पिता अभिभावकों को जागरूक करने, पाठशाला में कार्यरत शिक्षकों की मेहनत के साथ बच्चों व पाठशाला की भलाई के लिए मिलकर कार्य करने , पढ़ाई व अन्य तरह की सुविधाओं को लेकर आम जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने, बच्चों को विभिन्न गतिविधियों में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करने, माता-पिता अभिभावकों की अपेक्षा के अनुरूप स्कूल प्रबंधन समिति के माध्यम से सुविधाएं प्रदान करने, पाठशाला की साज सजावट, पीने के पानी, टॉयलेट्स समेत सभी सुविधाओं को अव्वल दर्जा प्रदान करने से हो पाया है।
समाज में हर अच्छे प्रयास को स्वीकार किया जाना चाहिए ताकि हर क्षेत्र में नया करने की प्रेरणा मिले।
इस कार्य के लिए मिडिल स्कूल छातर में नेतृत्व के लिए टीजीटी रमेश कुमार समेत सभी ऊर्जावान प्रबुद्ध शिक्षकों , स्कूल प्रबंधन समिति, आम जनता , संगम पाठशाला के प्रधानाचार्य, उपनिदेशक और निदेशक (प्रारंभिक शिक्षा ) महोदय को बहुत बहुत बधाई।
अब समाज के लिए प्रेरणा के रूप में सबसे बड़ी देखने वाली बात होगी कि समाज के बुद्धिजीवी पंचायती राज संस्थाएं सामाजिक संगठन मीडिया ,और शिक्षा विभाग में हर स्तर के अधिकारी अपने विवेक से इस तरह के अव्वल प्रयास को कितनी तब्बजो देते हैं ।जिससे पूरे जिला के लिए प्रेरणा मिले।
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